Types of shallow foundation in Hindi || शैलो फाउंडेशन के प्रकार

हेलो फ्रेंड्स ,

इस आर्टिकल में हमने बताया है की शैलो फाउंडेशन के कितने प्रकार होते है।  डिफरेंट टाइप्स ऑफ़ शैलो फाउंडेशन के यूज़ कहा किया जाता है। Spread footings के कितने प्रकार है। Foundation के सभी प्रकार  डिटेल्स में एक्सप्लेन किया गया है।

Types of Shallow Foundation :

types of shallow foundation images
Image Source: Civilengineeringweb.com
different types of shallow foundation निचे बताये हुए है।
  1. Spread footing
  2. Combined footing
  3. Cantilever Footing or Strap footing
  4. Raft or Mat foundation
  5. Grillage foundation

1. Spread footing:

इस प्रकार के फुटिंग में फाउंडेशन के निचे वाले भाग की width ज्यादा रखने में आती है जिससे स्ट्रक्चर के लोड को लार्ज एरिया पैर safely डिस्ट्रीब्यूट किया जाता है।

types of spread footing

स्प्रेड फुटिंग के  बताया गया है।
  • Wall footing
  • Reinforced concrete footing
  • Inverted arch footing
  • Column footing or Isolated footing

Wall footing:

wall footing images
  • इस प्रकार के फाउंडेशन में निचे ,  ब्रिक बेट सीमेंट कंक्रीट (B.B.C.C.) का लेयर बनाने में आता है। इस लेयर की width , प्लिंथ लेवल के दीवाल के width की ३ गुणा होती है।
  • इस प्रकार के फाउंडेशन को स्ट्रिप फाउंडेशन भी कहा जाता है।

Reinforced concrete footing:

  • जब दीवाल पर बहुत अधिक लोड आ रहा हो, और वाल फुटिंग की width बहुत जयादा होती हो तो इस situation में  reinforced concrete footing का यूज़  किया जाता है।
  • इस प्रकार की फुटिंग में masonry work काम  जाता है जिससे cost भी काम होता है फाउंडेशन का।
  • इस प्रकार की फुटिंग में निचे concrete  बनाने में आता हैं। फिर इस लेयर के ऊपर masonry wall बनायीं जाती है।

Inverted arch footing:

  • इस प्रकार की फुटिंग में दो  piers के बीच में उलटी arch को construct करने में आता है। इसलिए इसे inverted arch footing कहते है।
  • Inverted arch की rise का span 1/5 से 1/10 जितना रखने में आता है।
  • Piers की डिज़ाइन इस तरह करने में आता है जिससे वे arch action द्वारा लगते pressure को easily resist कर लेते है।
  • Inverted arch के कारण foundation की depth घटती है। जिससे ये foundation soft soil के लिए इकोनोमिकल होते है।
  • इस प्रकार के फाउंडेशन ज्यादा तर ब्रिज, टैंक, और ड्रेनेज लाइन्स में उसे होते है।

Column Footing or Isolated Footing:

  • इस प्रकार की फुटिंग हर कॉलम के लिए अलग अलग होती है मतलब हर कॉलम के निचे फुटिंग का कंस्ट्रक्शन किया जाता है इसलिए इस प्रकार की फुटिंग को कॉलम फुटिंग और Isolated फुटिंग कहते है।
  • इस प्रकार की फुटिंग का आकर circular, rectangular, और square shape में होता है।
  • इस प्रकार की फुटिंग stepped  अथवा तो sloped में होती है।
  • जब स्ट्रक्चर का लोड बहुत ज्यादा हो तब इस प्रकार की फुटिंग बहुत फायदेमंद होती है।

2. Combined Footing:

  • जब दो अथवा दो से ज्यादा कॉलम की फुटिंग को एक साथ जोड़कर बनाया जाता है तो उस प्रकार की फुटिंग को combined footing कहते है।
  • combined footing का आकर रेक्टेंगुलर अथवा तो trepezoidal होता है।
  • जब कंबाइंड फुटिंग के सभी कॉलम का लोड बराबर हो तब rectangular combined footing यूज़  होती है। और जब कंबाइंड फुटिंग के सभी कॉलम में लोड बराबर नहीं होता तब trpezoidal footing का यूज़ होता है।
  • जब Isolated कॉलम की फुटिंग एक दूसरे को ओवरलैप करती है तब आइसोलेटेड फुटिंग की जगह combined footing का यूज़ होता है।
  • जब फुटिंग बिल्डिंग की प्रॉपटी लाइन के एकदम नजदीक हो अथवा बिल्डिंग की प्रॉपर्टी लाइन को क्रॉस करती हो तब इस सिचुएशन में Combined footing का use होता है।

3. Cantilever or strap footing :

cantilever or strap footing images in hindi
  • जब दो स्प्रेड फुटिंग को RCC Strap  के साथ जोड़ दिया जाये तो Cantilever footing बनती है।
  • RCC Strap ये एक प्रकर का beam ही होता है। जो दो फूटिंग्स को एकदूसरे साथ जोड़ता है। RCC Strap कोई भी प्रकार का soil reaction नहीं लेता हे।
  • जब दो कॉलम फुटिंग के बीच का distance ज्यादा होता है। और soil का allowable pressure  ज्यादा होता है तब इस सिचुएशन में केंटिलीवर फुटिंग फयदेमंद होती है और सस्ती भी होती है कंबाइंड फुटिंग की तुलना में।

4. Raft or Mat Foundation :

इस प्रकार की फाउंडेशन में फाउंडेशन के पुरे भाग में Slab बनाकर स्ट्रक्चर के सारे कॉलम को स्लैब पर rest कर दिया जाता है।  जिससे स्ट्रक्चर का पूरा लोड बीम से कॉलम फिर कॉलम से  स्लैब से soil पैर ट्रांसफर होता है।

किस सिचुएशन में Raft Foundation उपयोगी है।

  • जब माटी की bearing capacity कम हो तब इस फाउंडेशन का उसे होता है।
  • जब बिल्डिंग के निचे की साइल नरम हो अथवा तो फिलिंग करके बनायीं हो तब raft foundation का use होता है।
  • जब कॉलम बहुत नजदीक हो और उनकी फुटिंग एक दूसरे को ओवरलैप करती हो तब राफ्ट फाउंडेशन का उसे होता है।
  • जब non homogenous soil हो तब राफ्ट फाउंडेशन उपयोगी है।
  • जब अलग कॉलम पैर अलग अलग लोड आ रहा हो तब राफ्ट फाउंडेशन उपयोगी है जिससे कंस्ट्रक्शन की कॉस्ट भी बचती है।

5. Grillage Foundation 

  • जब कॉलम पर आ रहा लोड बहुत ज्यादा हो और माटी की धारण छमता (bearing capacity of soil ) भी कम हो तब ग्रिGrillage Foundation का यूज़ होता है।
  • इस प्रकार के फाउंडेशन के लिए deep excavation की जरुरत पड़ती है।
इंग्लिश में पढ़े वो भी custmized images के साथ : Shallow Foundation | Types of shallow foundation, Where Use.
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