Curing of Concrete in Hindi || क्युरिंग के मेथड्स

इस आर्टिकल में हमने बताया है curing of concrete in Hindi, क्युरिंग की मेथड्स , क्युरिंग क्या होती है और कैसे की जाती है। तो आर्टिक्ल को अंत तक पड़े और अच्छा लगे तो अपने फ्रेंड्स से शेयर करे।
curing of concrete in hindi

क्युरिंग किसे कहते है?

क्युरिंग मतलब, सीमेंट के हाइड्रेशन प्रोसेस दरमियान कंक्रीट में योग्य moisture और तापमान बनाकर रखना जिससे सीमेंट का हाइड्रेशन संपूर्ण हो, और कंक्रीट अपनी योग्य स्ट्रेंथ जल्दी प्राप्त कर ले।

Methods of curing :

  • water curing 
  • membrane curing 
  • steam curing 

1 Water Curing

इस प्रकार के क्युरिंग के मेथड में पानी का उपयोग होता है। ज्यादातर कंक्रीट के कंस्ट्रक्शन में इसी मेथड का उपयोग होता है। यह मेथड दूसरी मेथड की तुलना में सरल और सस्ती है।
इस प्रकार की मेथड को निचे बताये गए तरीको द्वारा किया जाता है।
  1. पानी में डुबाके 
  2. पोन्डिंग 
  3. पानी का छटकाव करके 
  4. गीले कपडे से ढाकर 
  • Precast concrete की आइटम्स जैसे की कंक्रीट ब्लॉक्स, कंक्रीट पोल्स, टाइल्स  वगेरे  को पानी में डुबाकर क्युरिंग करने में आता है।
  • बिल्डिंग के स्लैब ,रोड के स्लैब वगेरे पर पानी भरके क्युरिंग करने में आता  है।
curing of roads
  • वर्टिकल रिटेनिंग वाल, दीवाल वगेरे पैर पानी छाट कर क्युरिंग करने में आता है।
curing of wall
  • बिल्डिंग के कॉलम, बीम वगेरे पर सुतरी के कपडे से ढाकर उसपर पानी का छाँटकाव करके क्युरिंग करने में आता है।
curing of column

2. Membrane curing

जहा पानी की बहुत कमी हो वहा  इस प्रकार की मेथड का उपयोग किया जाता  है। कंक्रीट मिक्स में यूज़ होने वाला पानी सीमेंट की हाइड्रेशन प्रोसेस को पूरा करने में सक्षम होता है। इसलिए कंक्रीट सरफेस से होने वाले पानी के बाष्पीभवन को रोकने के लिए कंक्रीट के सरफेस को impervious films से ढक दिया जाता है।
एक से दो दिन तक वाटर क्युरिंग करने के बाद मेम्ब्रेन क्युरिंग ज्यादा फायदेमंद होती है। जहा पर योग्य supervision शक्य ना हो वहा पर भी मेम्ब्रेन क्युरिंग फयदेमंद था।
मेम्ब्रेन क्युरिंग मै impervious  film के लिए बिटुमिन कंपाउंड, पोलिथिलीन, पॉलीस्टर फिल्म, वाटरप्रूफ पेपर, रबर कंपाउंड वगेरे का यूज़  होता है।

3. Steam Curing

हाइड्रेशन प्रोसेस में कंक्रीट को ज्यादा तापमान पर गरम किया जाये तो सीमेंट की हाइड्रेशन प्रोसेस जल्दी होती है जिससे कंक्रीट जल्दी स्ट्रेंथ प्राप्त करता है। परन्तु कंक्रीट का तापमान बढ़ाने से कंक्रीट में moisture का प्रमाण भी बढ़ाना जरूरी है जो की कंक्रीट को स्टीम देकर पूरी की जा सकती है। ये मेथड प्रेफ़ेब्रिकेटेड कंक्रीट की आइटम्स के लिए ज्यादा  है।
इस मेथड में एक चैम्बर में प्रेफेब्रीकेटेड एलिमेंट्स को रखकर उसपर  सामान्य दबाव में स्टीम डालने में आती है। जिससे कंक्रीट का हाइड्रेशन  जल्दी होता है,  और कंक्रीट 28 दिनों की स्ट्रेंथ 3 दिनों में प्राप्त कर लेता है।
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