सीमेंट बनाने की विधि | सीमेंट क्या हैं कैसे बनता है

इस आर्टिकल में हम जानेंगे की सीमेंट क्या हैं। इसका सिविल इंजीनियरिंग में क्या उपयोग होता है। सीमेंट बनाने की विधि क्या है। सीमेंट के घटक कौन कौन से है। जिप्सम का उपयोग सीमेंट में क्यों होता है।  और भी बहुत कुछ तो इस आर्टिकल को पूरा पड़े और अंत में अच्छा लगे तो अपने फ्रेंड्स के साथ शेयर करे।  हम ऐसे ही हिंदी में आर्टिकल लिखते रहे इसलिए हमें सपोर्ट करे इस आर्टिकल को शेयर करके।

सीमेंट बनाए की विधि क्या है उसे जानने से पहले हम ये जान लेते है की सीमेंट क्या है। उसका कंक्रीट में क्यों उपयोग होता है।

सीमेंट क्या हैं? 

Cement kya hota hai

 

सरल भाषा में समजे तो,

Raw Materials जैसे की चूना के पत्थर, चाक, शेल, वगेरे को मिलाकर , 1500°C से 1600°C तापमान पर रोटरी भठी में तपाकर उसमे 2% से 3% जिप्सम मिलाकर , फिर उसे पीसकर बनाने गए पदार्थ को सीमेंट कहते है।

सीमेंट कंक्रीट में उपयोग होने वाला एक घटक है जिसका उपयोग कंक्रीट के अन्य घटको को बांध के रखने का होता है। सरल भाषा में समजे तो सीमेंट ये बंधक पर्दार्थ ( Binding Material ) है।

सीमेंट बनाने की विधि :

सीमेंट बनाने की तीन विधि है।
  • Wet Process
  • Dry Process
  • Semi-Dry Process
cement banane ki vidhi , dry process and wet process
सीमेंट बनाने में निचे बताये गए तीन प्रक्रिया का समावेश होता है।
  • कच्चे पदार्थो को मिलाना (Mixing)
  • तपाना या तो जलाना (Burning)
  • पीसना (Grinding)
ऊपर बताये गए तीनो विधियों में ये तीन प्रक्रियाओ का समावेश होता है।

1. सीमेंट बनाने की Dry विधि :

  • Dry Process में सीमेंट के कच्चे पदार्थो को योग्य प्रमाण में मिलाकर सुका मिश्रण तैयार किया जाता है।
  • फिर तैयार किये गए सुके मिश्रण को Kiln में डालने में आता है।
  • सुका मिश्रण Kiln में जैसे जैसे आगे बढ़ता है वैसे वैसे kiln का तापमान बढ़ता रहता है जिससे सुके मिश्रण का छोटी छोटी गोलियों में रूपांतर होता है जिसे Nodules कहते है।
  • फिर ये Nodules धीरे धीरे शंकु आकर के बर्निंग जोन जहा पर तापमान 1500°C से 1600°C  तक  रहता है। जिससे nodules का सख्त गोलियों में रूपांतर होता है।  जिसे clinker कहते है। clinkers की size 3mm से 20mm के बीच में रहती है।
  • फिर इस clinkers को ball mill में पीसकर पाउडर बनाने में आता है जिसे सीमेंट कहते है।
  • फिर सीमेंट में 2% से 3% जिप्सम मिलाने में आता है जिससे सीमेंट का Flash Setting ना हो।
  • फिर इस सीमेंट को Silos में संग्रह करने में आता है।

2. सीमेंट बनाने की Wet विधि:

  • Wet Process में कच्चे पदार्थो को गिला करके, द्रव्य अवस्था में पीसकर स्लरी बनाने में आता है।
  • फिर ये स्लरी को rotary kiln में डालने में आता है।
  • ये स्लरी kiln में जैसे जैसे आगे बढ़ती है वैसे वैसे kiln का तापमान बढ़ता है और स्लरी का छोटी छोटी गोलियों में रूपांतर होता है। जिसे nodules कहते है।
  • फिर  आगे की सारी process ड्राई प्रोसेस में बताये गए अनुसार ही है। 

भारत में सीमेंट बनाने वाली कंपनी के नाम :

भारत में सीमेंट बनाने वाली कंपनी के नाम निचे बताये गए है।
  • Associated Cement Company
  • Birla Group of Company
  • Ambuja Cement Company
  • Sanghi  Cement Company
  • Shree Digvijay Cement CO. Ltd.
  • Binani  Cement Company
  • Hathi  Cement Company
  • Grasim  Cement Company

सीमेंट के घटक:

सीमेंट के घटको के नाम निचे बताये गए है।
  • चुना – 60 से 67%
  • सिलिका – 17 से 25%
  • एलुमिना –  3 से 8%
  • आयरन ऑक्साइड – 0.5 से 6%
  • मेगनेशिया – 0.5 से 0.4%
  • अल्कलीज – 0.3 से 12%
  • सल्फेट्स – 2 से 4%
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